Contact Information

Logix Technova B-511
Sector-132, Noida

We Are Available 24/ 7. Call Now.

New Delhi: ये कहानी उस दौर की है जब युवाओं में फिल्म देखने का शौक भरपूर था। फिल्म देखकर हर युवा अभिनेता बनने की चाह रखता था। मुंबई के गोरेगांव में भी कुछ ऐसा ही हुआ, जब लड़कों का एक ग्रुप फिल्म देखने को बेहद उत्साहित रहता. जो भी फिल्म आती ये ग्रुप फिल्म देखने जरूर जाता था। इस ग्रुप के ही एक लड़के की किस्मत फिल्म देखने के कारण कुछ ऐसे चमकी जिससे किसी को भी यकीन नहीं हुआ।

एक दिन निर्माता-निर्देशक वी शांताराम फिल्म देखने आए हुए थे। उन्होंने उस जगह एक लड़के को बड़े चाव से फिल्म के बारे में लोगों को बताते हुए सुना। निर्माता निर्देशक यह देखकर बेहद प्रभावित हुए। उन्हें वह लड़का अपनी अगली फिल्म के लिए पसंद आ गया। शांताराम उस लड़के को अपने पास बुलाकर अपनी अगली फिल्म गीत गाया पत्थरों ने में काम करने के पेशकश की। और वह लड़का था, रवि कपूर..जो आगे चलकर जितेंद्र नाम से प्रसिद्ध हुआ। इस तरह जितेंद्र के शानदार करियर की शुरूआत हुई।

जितेंद्र का जन्म 7 अप्रैल 1941 को एक जौहरी परिवार में हुआ था। उन्हें बचपन से ही फिल्मों में बेहद दिलचस्पी थी, वह एक अभिनेता बनना चाहते थे। वह अकसर घर से भागकर फिल्म देखने जाते और वापस आकर लोगों को फिल्म के बारे में पूरी जानकारी देते थे।

जितेंद्र ने अपने करिकर की शुरूआत 1959 में फिल्म नवरंग से की जिसमें उन्होंने एक छोटी सी भूमिका निभाई थी। लगभग पांच साल तक उन्होंने इंडस्ट्री में संघर्ष किया और फिर उन्होंने शांताराम की फिल्म गीत गाया पत्थर ने में काम करने का अवसर मिला। इस फिल्म के बाद जितेंद्र अपनी पहचान बनाने में कामयाब हो गए।

Share:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *